डिजिटल युग में शास्त्र शिक्षा की चुनौतियाँ एवं समाधान
डॉ. रूबीना सक्सेना
डिजिटल युग में शिक्षा ने एक क्रांतिकारी परिवर्तन देखा है। अब ज्ञान केवल कक्षा-कक्ष या पुस्तकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंटरनेट और तकनीकी साधनों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है। तथापि, शास्त्र शिक्षा—जो भारतीय संस्कृति और दर्शन की आधारशिला है—आज अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें संस्कृत भाषा की जटिलता, पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली का पतन, कैरियर-उन्मुख आधुनिक शिक्षा का प्रभुत्व, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म की सीमाएँ और विद्यार्थियों की घटती रुचि प्रमुख हैं। फिर भी, यही डिजिटल साधन शास्त्र शिक्षा के पुनर्जीवन का अवसर भी प्रदान करते हैं, जैसे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, ई-लाइब्रेरी, वर्चुअल गुरुकुल, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा अंतर्विषयक दृष्टिकोण। यह शोध-पत्र इन चुनौतियों का विश्लेषण करता है और शास्त्र शिक्षा के संरक्षण, प्रसार एवं आधुनिकीकरण हेतु व्यवहार्य समाधानों को प्रस्तुत करता है।
डॉ. रूबीना सक्सेना. डिजिटल युग में शास्त्र शिक्षा की चुनौतियाँ एवं समाधान. Int J Sanskrit Res 2025;11(5):31-38. DOI: 10.22271/23947519.2025.v11.i5a.2783