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International Journal of Sanskrit Research
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International Journal of Sanskrit Research

2022, Vol. 8, Issue 3, Part E
नीलकण्ठ सोमयाजी - गणितज्ञ, खगोलविद् एवं दार्शनिक

दिनेश मोहन जोशी, गिरीशभट्ट बि

गणित एवं खगोलशास्त्र इन दो विषयों मे केरल के विद्वानों का बहुत बडा योगदान रहा है । वररुचि (400 A. D) से लेकर राम वर्मा (1853–1910 A. D) तक केरल के विद्वानों का लम्बा इतिहास रहा है । केरल इस कालखण्ड में गणित एवं खगोलशास्त्र का केन्द्र रहा है । इस प्रान्त का विज्ञान सम्बन्धी साहित्य प्रचुर मात्रा में मिलता है जो कि संस्कृत के साथ साथ मलयालम भाषा में भी उपलब्ध है । इस शोधपत्र में हम केरल के अग्रगण्य महान गणितज्ञ एवं खगोलविद् नीलकण्ठ जी के जीवन एवं उनकी कृतियों का संक्षेप में वर्णन करेंगे।
Pages : 275-283 | 45 Views | 17 Downloads
How to cite this article:
दिनेश मोहन जोशी, गिरीशभट्ट बि. नीलकण्ठ सोमयाजी - गणितज्ञ, खगोलविद् एवं दार्शनिक. Int J Sanskrit Res 2022;8(3):275-283.
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