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International Journal of Sanskrit Research
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International Journal of Sanskrit Research

2019, Vol. 5, Issue 4, Part D
साहित्य ग्रंथो के निर्माण में संस्कृत भाषा का महत्व

कविता शर्मा, डॉ. आयुष कुमार गर्ग

प्रस्तुत लेख मे साहित्य ग्रंथो के निर्माण में संस्कृत के महत्व, उद्धेश्य तथा उसके स्वरुप का उल्लेख किया गया है | संस्कृत भाषा विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है | संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति के विरासत का प्रतीक है तथा संस्कृत भारत को एकता के सूत्र मे बांधती है | आयुर्वेद के अध्ययन के लिए संस्कृत भाषा का प्रामाणिक ज्ञान होना अत्यावश्यक है | संस्कृत भाषा के अतिरिक्त किसी अन्य भाषा का उपयोग हमारे ग्रंथो के निर्माण के लिए किया गया होता तो आज हम इतने बड़े – बड़े ग्रंथो का अध्ययन नहीं कर पाते क्योकि संस्कृत भाषा का हर एक शब्द अपना अर्थ बताता है, वही अन्य भाषाएँ यह करने मे असमर्थ है | संस्कृत भाषा के प्राचीन साहित्य अत्यंत कुशल, वैज्ञानिक, निपुण तथा दार्शनिक है | इस लेख में संस्कृत भाषा की आवश्यकता तथा उत्पत्ति का विख्यात रूप से वर्णन किया गया है तथापि उसे विस्तृत रूप में प्रतिष्ठित किया गया है | उद्धेश्य १. संस्कृत भाषा की उत्पत्ति तथा विकास पर प्रकाश डाला गया है | २. विभिन्न साहित्य ग्रंथो के निर्माण में संस्कृत भाषा के योगदान का विश्लेष्णात्मक अध्ययन किया गया है |
Pages : 207-214 | 220 Views | 39 Downloads
How to cite this article:
कविता शर्मा, डॉ. आयुष कुमार गर्ग. साहित्य ग्रंथो के निर्माण में संस्कृत भाषा का महत्व. Int J Sanskrit Res 2019;5(4):207-214.
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