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International Journal of Sanskrit Research
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2016, Vol. 2, Issue 5, Part B
भारत में नारीवाद

शक्ति पाण्डेय

यह लेख भारतीय संस्कृति में नारीवाद के समृ़द्ध इतिहास का एक अमूल्य सिंहावलोकन है। यहाॅ प्राचीन भारतीय संस्कृति में नारीवादी उच्च विचारधाराओं के सिद्धांतों का विशद् वर्णन है। लेख के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, कि कैसे प्राचीन काल में दैवीय रुप में प्रतिष्ठित नारी का स्वरुप मध्यकाल में कुरीतियों सें धूमिल होकर वर्तमान में संघर्षरत है। आज भारतीय नारीवाद का उद्घोष प्राचीन संस्कृति की ओर लौटो हैै, न कि रेडिकल विचारधारा है।
Pages : 74-76 | 1775 Views | 181 Downloads
How to cite this article:
शक्ति पाण्डेय. भारत में नारीवाद. Int J Sanskrit Res 2016;2(5):74-76.
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