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International Journal of Sanskrit Research
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International Journal of Sanskrit Research

2016, Vol. 2, Issue 1, Part A
संस्कृत साहित्यम् काव्यस्थमस्त्वम्

डाॅ. दिनेश साह

काव्यलक्षणविषये संस्कृतज्ञानां नैकमत्यम्। केचन मम्मट केचन विश्वनाथं केचन च जगन्नाथं साधिष्ठं मन्यन्ते। सर्वविषयावगाहित्वेन मम्मटलक्षणं साधिष्ठम्, सुगमार्थतया रसस्य मुख्यत्वेन च विश्वनाथः, अभिव्यक्तेः कलापक्षस्य कल्पनापक्षस्य चोद्भावनया जगन्नाथः सर्वातिशायी। जगन्नाथ-लक्षणं पाश्चात्त्यकाव्य-तत्त्वज्ञैः साम्यं भजते। कल्पनानुभूतिजन्य-विचाराणां मधुराभिव्यक्ति-कलैव कवितेति साधिष्ठा व्याख्या। तद्यथा-
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How to cite this article:
डाॅ. दिनेश साह. संस्कृत साहित्यम् काव्यस्थमस्त्वम्. Int J Sanskrit Res 2016;2(1):54-55.
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